February 5, 2008...11:33 pm
कोयला मजदूरों का अखिल भारतीय सम्मेलन
इण्डियन फैडरेशन आफ कोल वर्कर्स, आई.एफ.सी.डब्ल्यू. (इफ्टू से संबद्ध) का अखिल भारतीय सम्मेलन 31 जनवरी, 2008 को `का. एच.एम. उपायाय हॉल‘, रामगुंडम, आंध्र प्रदेश में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में सिंगरेनी, बी.सी.सी.आई., सी.सी.एल. कोयला क्षेत्रो के मजदूरों के प्रतिनि धियो ने भाग लिया। सम्मेलन की शुरुआत में का.रघुनंनदन राय ने झंडा फहराया। का. एस. वी. राव ने शहीदों को श्रद्धांजलि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा का. एच.एम. उपायाय का संक्षिप्त जीवन–परिचय दिया।
सम्मेलन का उदघाटन करते हुए इफ्टू की राष्ट्रीय कमेटी के सचिव का. वी.के. पटोले ने कहा कि उदारीकरण व वैश्वीकरण का प्रत्यक्ष असर अब कोयला उद्योगों में भी देखा जा रहा है। कोयला उद्योगों में समझौते की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने के लिए दबाव दिया जा रहा है। जिन उद्योगों में 10 वर्षों के समझौते सरकार ने थोपे थे, वहां भी मजदूर समझौते की अवधि 5 वर्ष करने के लिए दबाव बना रहे ह। अत: कोयला मजदूरों को 5 वर्षों के समझौते के लिए डटना होगा। इससे अन्य उद्योगों में भी सरकार को 5 वर्षों के समझौते के लिए बाय किया जा सकेगा। सातवें वेतन समझौते में पीस रेट मजदूरों के पी.आर. भत्ते को चोर दरवाजे से समाप्त कर दिया गया था जिसे बी.सी.सी.एल. में इफ्टू यूनियन ने संघर्ष करके लागू कराया है तथा इसे कोयला उद्योग की अन्य इकाईयों में लागू कराना बाकी है। प्रबन्धन वेतन बिल को घटाने के लिए स्थायी कामों पर ठेका मजदूरों को लगाना चाह रही है जिसका विरोध करना होगा। जे.बी.सी.सी.आई. के समझौते को सभी कोयला खनन करने वालों पर लागू करवाना होगा तथा 7 दिनों के काम का विरोध करना होगा।
सम्मेलन को इफ्टू की राष्ट्रीय कमेटी के महासचिव का. बी. प्रदीप, मजदूर यूनियन प.बंगाल के का. कन्हैया खान, सी.सी.एल., झारखण्ड से का. व्यास तिवारी, ए.आई.एफ.टी.यू. के प्रतिनिधियो तथा का. एस. वेंकटेश्वर राव ने संबोधित किया।
सम्मेलन में आई.एफ.सी.डब्ल्यू. के पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। का. वी.के. पटोले अयक्ष, का. रघुनंदन राय उपायक्ष, का. एस.वी. राव महासचिव, का. एस.एम. पाशा सचिव, का. जे. सीतारमैया संगठन सचिव, का. टी. श्रीनिवास कोषायक्ष तथा का. व्यास तिवारी, सामत कुमार, के. विश्वनाथ, ए. वेंका तथा बी. बाबू कार्यकारिणी सदस्य चुने गये।
सम्मेलन–स्थल से एक रैली निकली जो पूरे शहर में घूमते हुए सभास्थल तक पहुंची। सभा की अयक्षता का. वी.के. पटोले ने की तथा का. एस.वी. राव, का. रघुनंदन राय, का. प्रदीप, का. कन्हैया, का. लक्ष्मी नरसैया ने सभा को संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए का. पटोले ने मुख्य माँगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शतप्रतिशत महंगाई का शून्यीकरण, 5 वर्षों के लिए समझौता, 7 दिनों के काम का विरोध, 6 घंटे का कार्य दिवस, वर्तमान वेतन का दुगुना नया वेतनमान, वार्षिक वृद्धि दर में 4 प्रतिशत की वृद्धि, प्वाइन्ट टू प्वाइन्ट फिटमेन्ट, नये बेसिक का 20 प्रतिशत अन्डरग्राउन्ड अलाउन्स, 2001 से प्रोमोशन लागू करने आदि के लिए मजदूरों को मजबूती से संघर्ष के लिए तैयार होना होगा।
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