March 1, 2008...11:01 am
निजीकरण के खिलाफ सफल पंजाब बंद
अकाली दल–भाजपा की पंजाब राज्य सरकार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ संघर्ष काफी व्यापक हो गया है। पंजाब के 17 किसान और मजदूर संगठनों ने निजीकरण–विरोधी तालमेल कमेटी का गठन किया है जिसके नेतृत्व में राज्य सरकार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज हो रहा है। इण्डियन फैडरेशन आफ़ ट्रेड यूनियन्स (इफ्टू), पेंडू मजदूर यूनियन तथा ए.आई.के.एम.एस. (के.के.यू.) इस तालमेल कमेटी के सदस्य हैं।
निजीकरण–विरोधी तालमेल कमेटी ने पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के विभाजन, सरकारी स्कूलों व अस्पतालों के निजीकरण और सड़कों व पानी के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष शुरू किया है। आन्दोलनकारी संगठनों ने खुदरा व्यापार के निजीकरण के खिलाफ भी आवाज बुलंद की है।
तालमेल कमेटी के आवाह्न पर राज्य भर में अनेकों स्थानीय कार्यक्रम लिये गये। इनके बाद तालमेल कमेटी ने 19 फरवरी, 2008 को पंजाब बंद का आवाह्न किया। इस पंजाब बंद का पूरे प्रांत में व्यापक असर रहा जो जनता के निजीकरण की नीतियों के विरोा को दिखाता है। तालमेल कमेटी के प्रवक्ता का. हरदेव सिंह संधु के अनुसार बंद पूरी तरह सफल रहा।
19 फरवरी के पंजाब बंद को प्रांत भर में ग्रामीण क्षेत्रो व कस्बों में जोरदार समर्थन मिला। बंद को बड़े शहरों में भी अच्छा समर्थन मिला तथा मजदूर क्षेत्रो में भी इसका असर रहा। बंद के साथ–साथ पूरे प्रांत भर में बिजलीकर्मियों ने भी प्रदर्शन किये।
पंजाब बंद के क्रम में यातायात पूरी तरह ठप्प रहा। जी.टी. रोड जगह–जगह पर जाम रही तथा वाहनों की लंबी कतारें घंटों खड़ी रहीं। अन्य मार्ग पूरी तरह जाम रहे। पंजाब में कई स्थानों पर लगभग चार घंटे तक रेल यातायात अवरुद्ध किया गया। अमृतसर, गुरदासपुर, होशियारपुर, लुधियाना, फिरोजपुर, संगरूर, भटिंडा आदि जिलों में रेल जाम किया गया तथा देश के अन्य भागों को जाने वाली गाडि़यां व स्थानीय गाडि़यां बंद रहीं।
जलंधर में बंद का व्यापक असर रहा। करतारपुर, नकोदर, महीपपुर, शाहकोट, नूरमहल, जडियाला, मंजकी, रूरकांकलां, बिलगां, जमशेर आदि स्थानों पर बाजार बंद रहे तथा विरोध–प्रदर्शन किये गये। मानवला और फिल्लौर में रेल ट्रैक चार घंटे तक जाम किया गया तथा फिल्लौर में बड़ी रैली निकाली गयी। जलंधर में औद्योगिक मजदूरों ने भी बंद में भाग लिया तथा इसका असर बस्ती दानिशमंदा, इण्डस्ट्रियल एरिया पठानकोट बाईपास में काफी था।
करतारपुर में पेंडू मजदूर यूनियन की पहलकदमी पर बाजार पूरी तरह बंद रहा तथा निजीकरण के खिलाफ जबर्दस्त रोष–प्रदर्शन किया गया। पुलिस ने बंद व जी.टी. रोड जाम को खुलवाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर बर्बर लाठीचार्ज किया तथा यूनियन नेताओं का. कश्मीर सिंह व का. जसविंदर सिंह को गिरफ्तार किया। लाठीचार्ज में पांच यूनियन कार्यकर्ता घायल हुये। प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव किया और अंतत: पुलिस को गिरफ्तार नेताओं को छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद रोड जाम जारी रहा तथा शहर पूरी तरह बंद रहा।
नकोदर में बंद का जबर्दस्त असर रहा तथा रेडि़यां व खोखे तक बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च निकाला तथा सड़क जाम किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने वालों में का. तरसेम पीटर व दर्शन नाहर प्रमुख थे। शाहकोट में भी बाजार पूरी तरह बंद रहा तथा नूरमहल में भी बाजार बंद रहा। रोष मार्च को संबोधित करने वालों में पी.एम.यू. अयक्ष का. हंसराज शामिल थे।
कपूरथला में ढिलवां में यातायात पूरी तरह ठप्प रहा। दिल्ली से लाहौर जाने वाली सद्भावना बस को भी रास्ता बदल कर ले जाना पड़ा। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वालों में पी.एम.यू. के का. बलविंदर सिंह, के.के.यू. के तरसेम सिंह तथा नौजवान भारत सभा के का. कुलविंदर सिंह प्रमुख थे।
होशियारपुर जिले में रेलें रोकी गयीं तथा कई स्थानों पर सड़कें जाम की गयीं। होशियारपुर–जलंधर रेल मार्ग को होशियारपुर –फगवाड़ा क्रासिंग पर अवरुद्ध किया गया। मुकेरिया में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर बादल का पुतला फूंका। गुरदासपुर में गुरदासपुर–पठानकोट रेल मार्ग को का. गुरमीत सिंह के नेतृत्व में इफ्टू कार्यकर्ताओं द्वारा दो घंटे तक अवरुद्ध किया गया। बटाला में इफ्टू की अगुवाई में हजारों मजदूरों ने रोष–प्रदर्शन किया तथा बंद को सफल कराया।
अमृतसर में हजारों किसानों ने रेल यातायात जाम किया। भिक्कीबिंद, टांगड़ा, खलचियां, अजनाला तथा रैया कस्बों में बंद का बहुत अच्छा असर रहा। तरनतारन रोड पूरी तरह अवरुद्ध रहा तथा वहां दुकानें बंद रहीं।
भटिंडा, संगरूर, पटियाला, फिरोजपुर, फरीदकोट व मोगा जिलों में भी बंद का व्यापक असर रहा तथा चार घंटे तक यातायात जाम रहा। एक दर्जन से अधिक स्थानों पर रेल तथा रोड यातायात बंद रहा। इनमें रामपुर फुल, भाई बख्तावर, ननगढ़, बुर्जगिल, मानसा, भिक्की, सरदुलगढ़, बुढ़लाड़ा, बरनाला, फरीदकोट सड़का, भाईरूपा आदि स्थान शामिल थे। बरनाला–मोगा, बरनाला–संगरूर, बरनाला–लुधियाना तथा बरनाला–जेतो मार्ग अवरुद्ध रहे। फरीदकोट–कोटकपूरा रोड अवरुद्ध रहे। संगरूर से भवानीगढ़, दिरवा, वेनरा, सुनाम की ओर जाने वाले रास्ते भी बंद रहे।
पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन ने भी बंद में अच्छी भागीदारी की तथा मलेरकोटला पर लुधियाना–नाभा रोड जाम करने का नेतृत्व किया। पी.एस.यू. के आवाह्न पर सुनाम व बरनाला में आई.टी.आई. के छात्रो ने हड़ताल की तथा राजकीय रणवीर कॉलेज, संगरूर के छात्रो ने विरोध–प्रदर्शन किया।
नवांशहर में व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन किया तथा बाजार बंद रहे। चण्डीगढ़ चौक पर यातायात रोका गया तथा विरोध–सभा को संबोधित करने वालों में इफ्टू नेता कुलविंदर सिंह, पेंडू मजदूर यूनियन के का. कंवलजीत तथा ईंट–भट्टा मजदूरों के नेता प्रकाश सिंह शामिल थे। नवांशहर के बंगा में यातायात पूरी तरह ठप्प रहा तथा राहों में बाजार बंद रहे।
19 फरवरी के पंजाब बंद की व्यापक सफलता ने राज्य सरकार द्वारा निजीकरण की नीतियों को लागू करने के खिलाफ जनता के आन्दोलन को गति दी है। राज्य में उत्तरोत्तर सरकारें निजीकरण के एजेण्डा को आगे बढ़ाती रही हैं। 17 संगठनों द्वारा की गई पहलकदमी स्वागतयोग्य है तथा इनके द्वारा गठित निजीकरण–विरोधी तालमेल कमेटी को मिल रहा जन–समर्थन निजीकरण के कदमों को रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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