March 22, 2008
केन्द्रीय बजट 2008–’09 - जनता के लिए घडि़याली आंसू तथा धनी वर्गों को रियायतें
जहां पहले बजट से तात्पर्य सरकार के एक वर्ष के आय–व्यय का विवरण व नये करों और नये खर्चों का विवरण प्रस्तुत करना होता था जिनसे सरकार द्वारा अपनायी जा रही दिशा का पता चलता था, वहीं बजट 2008 तथा पिछले कई वर्षों के बजट महज खोखली घोषणाओं के पर्याय बन गये हैं। गणित से [...]